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Bio-RIDE Yojana क्या है: जानिए संपूर्ण जानकारी

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, SSC, Railway, Bank, UPSSSC में सरकारी योजनाओं से काफी प्रश्न पूछे जाते हैं इन्हीं योजनाओं में एक योजना Bio-RIDE Yojana है।



भारत सरकार विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएँ शुरू कर रही है। इसी कड़ी में Bio-RIDE Yojana एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरदर्शी योजना है। यह योजना खास तौर पर जैव-प्रौद्योगिकी (Biotechnology) से जुड़े अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

Bio-RIDE Yojana की शुरुआत भारत सरकार द्वारा 18 सितंबर 2024 में की गई।

इस योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने मंजूरी दी और इसे जैव प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Biotechnology – DBT) के अंतर्गत लागू किया गया।

सरकार ने इस योजना को 15वें वित्त आयोग की अवधि (2021-22 से 2025-26) के दौरान लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि भारत को वैश्विक जैव-प्रौद्योगिकी हब (Global Biotechnology Hub) के रूप में विकसित किया जा सके।

Bio-RIDE का पूरा नाम है

Biotechnology Research, Innovation and Entrepreneurship Development (Bio-RIDE)

यह एक राष्ट्रीय स्तर की योजना है, जिसका उद्देश्य जैव-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में:

  • उच्च स्तरीय अनुसंधान (Research)
  • नई तकनीकों का विकास (Innovation)
  • स्टार्टअप और उद्योगों को बढ़ावा (Entrepreneurship)

देना है।

सरल शब्दों में कहें तो यह योजना लैब में होने वाले रिसर्च को बाज़ार तक पहुँचाने का काम करती है।


Bio-RIDE Yojana शुरू करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

आज के समय में जैव-प्रौद्योगिकी का उपयोग:

  • दवाइयों और वैक्सीन
  • कृषि और फसल सुधार
  • पर्यावरण संरक्षण
  • बायो-फ्यूल और बायो-प्लास्टिक
  • औद्योगिक उत्पादन

जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है।

भारत में प्रतिभाशाली वैज्ञानिक और युवा नवोन्मेषक तो हैं, लेकिन:

  • फंडिंग की कमी
  • उद्योग से जुड़ाव का अभाव
  • रिसर्च को कमर्शियल बनाने में दिक्कत

जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए Bio-RIDE Yojana की शुरुआत की गई।


Bio-RIDE Yojana के मुख्य उद्देश्य

इस योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

1- जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान को बढ़ावा देना
2- स्टार्टअप और बायो-उद्यमियों को आर्थिक सहायता देना
3- रिसर्च और इंडस्ट्री के बीच की दूरी कम करना
3- पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ तकनीकों को विकसित करना
4- भारत को बायो-मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाना


Bio-RIDE Yojana के मुख्य घटक

Bio-RIDE Yojana को तीन प्रमुख भागों में बाँटा गया है:

1. Biotechnology Research & Development (R&D)

इस घटक के तहत:

  • विश्वविद्यालयों
  • अनुसंधान संस्थानों
  • वैज्ञानिकों

को नई तकनीकों और खोजों के लिए वित्तीय सहायता (Grant) दी जाती है।


2. Industrial & Entrepreneurship Development

यह हिस्सा खास तौर पर:

  • बायोटेक स्टार्टअप
  • MSME
  • उद्यमियों

के लिए है।
इसके अंतर्गत Seed Funding, Incubation Support और Mentorship प्रदान की जाती है, ताकि नए विचार व्यवसाय में बदले जा सकें।


3. Biomanufacturing & Biofoundry

इस घटक का उद्देश्य:

  • बायो-आधारित उत्पादों का उत्पादन
  • सस्टेनेबल और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग
  • पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना औद्योगिक विकास

को बढ़ावा देना है।


Bio-RIDE Yojana के लाभ

1-युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए अवसर

इस योजना से युवा वैज्ञानिक और उद्यमी अपने बायोटेक आइडिया को हकीकत में बदल सकते हैं।

2-स्वास्थ्य और कृषि में सुधार

नई दवाइयाँ, वैक्सीन, बेहतर बीज और फसल तकनीक विकसित होंगी।

3-पर्यावरण संरक्षण

बायो-फ्यूल, बायो-प्लास्टिक और ग्रीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा।

4-रोजगार के नए अवसर

बायोटेक सेक्टर में हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।


Bio-RIDE Yojana का बजट

सरकार ने Bio-RIDE Yojana के लिए लगभग ₹9,000 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया है। यह बजट अनुसंधान, स्टार्टअप समर्थन और बायो-मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने में खर्च किया जाएगा।


Bio-RIDE Yojana से भारत को क्या फायदा होगा?

• भारत का बायोटेक सेक्टर मजबूत होगा
• विदेशी निर्भरता कम होगी
• “Make in India” और “Startup India” को बढ़ावा मिलेगा
• भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेगा


निष्कर्ष

Bio-RIDE Yojana  केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की नींव है। इसके माध्यम से देश विज्ञान, स्वास्थ्य, पर्यावरण और उद्योग के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू सकता है।

यदि इस योजना का सही ढंग से क्रियान्वयन किया गया, तो आने वाले वर्षों में भारत जैव-प्रौद्योगिकी की वैश्विक शक्ति बन सकता है।


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